शेयर बाजार में काम करनेवाला शायद ही कोई शख्स होगा जो ओल्ड फॉक्स का नाम न जानता हो। लेकिन हमारे-आपके लिए शायद यह एक पहेली है। असल में इनका नाम है राधा कृष्ण दामाणी। इन्हें आरके भी कहते हैं। उम्र है यही कोई 57 साल। ये बाजार के उस्ताद खिलाड़ी हैं। हर्षद मेहता को टक्कर देने के लिए जाने जाते हैं। मुंबई के नरीमन प्वाइंट में दफ्तर है। कम से कम 5-6 हजार करोड़ के मालिक हैं।औरऔर भी

मुझे अपने स्तर पर पता है कि बाजार के एक स्मार्ट ऑपरेटर ने निफ्टी में 5300 के स्तर पर कुछ शॉर्ट सौदे किए हैं। हालांकि वह तमाम शेयरों के साथ ही बाजार में तेजी आने की धारणा रखता है। असल में उसने शॉर्ट कॉल महज इसलिए दी है क्योंकि वह जांचना चाहता है कि निफ्टी में 5350 पर कोई रुकावट बन रही है या नहीं। उसे खुद लगता है कि अगले 12 महीनों में निफ्टी 7000 तकऔरऔर भी

देश के शेयर बाजारों में सूचीबद्ध 27 फीसदी कंपनियों में पिछले कई महीनों से कोई कारोबार नहीं हो रहा है। इनमें से ज्यादातर कंपनियों के प्रवर्तक अपने शेयर पहले ही बेचकर निकल चुके हैं। लेकिन लाखों आम निवेशक इनमें से ऐसा फंसे हैं कि न उनसे उगलते बन रहा है और न ही निगलते। करोड़ों के इस गड़बड़झाले पर न तो सेबी का कोई ध्यान है और न ही कॉरपोरेट मामलात इसे तवज्जो दे रहा है। बॉम्बेऔरऔर भी

सत्यम कंप्यूटर्स के बदनाम घोटाले में आंध्र प्रदेश सरकार की भी भूमिका रही है। यह बात भारतीय महालेखाकार (सीएजी) की ताजा रिपोर्ट में कही गई है। रिपोर्ट राज्य विधानसभा में पेश की जा चुकी है। रिपोर्ट में खुलासा किया गया है कि राज्य सरकार ने कंपनी को विशाखापटनम के नजदीक 42.5 एकड़ जमीन महज 10 लाख रुपए प्रति एकड़ की दर से दी थी। जहां इस जमीन की कीमत 170 करोड़ रुपए बनती है, वहीं सरकार नेऔरऔर भी

इस्पात इंडस्ट्रीज के प्रवर्तक कंपनी में अपनी इक्विटी हिस्सेदारी बढ़ाकर 46 फीसदी करेंगे। उनकी मौजूदा इक्विटी हिस्सेदारी लगभग 41 फीसदी है। असल में कंपनी के निदेशक बोर्ड के कल ही अपनी बैठक में तय किया है कि प्रवर्तकों को वरीयता आधार पर इक्विटी शेयर वारंट जारी किए जाएंगे। ये वारंट आवंटन के 18 महीने बाद इक्विटी शेयर में बदले जा सकते हैं। अभी बोर्ड के इस फैसले को कंपनी के शेयरधारकों की असाधारण आमसभा (ईजीएफ) में पासऔरऔर भी

वित्त वर्ष 2009-10 गुजर गया। लेकिन यह साल जाते-जाते शेयर बाजार के निवेशकों की पूंजी दोगुनी करके गया है। अगर लिस्टेड कंपनियों के शेयर भावों को आधार बनाएं तो बाजार का पूंजीकरण अब 60 लाख करोड़ रुपए का स्तर पार गया है जो पिछले साल के स्तर से लगभग दोगुना है। हालांकि ये सारा सांकेतिक मामला है। लेकिन मानने में क्या हर्ज है कि भारतीय निवेशक पहले से दोगुने अमीर हो गए। बॉम्बे स्टॉक एक्सचेंज (बीएसई) मेंऔरऔर भी

देश का सबसे बड़ा बैंक एसबीआई नए वित्त वर्ष में अपनी पहुंच देश के दूरदराज के इलाकों तक बढ़ाने के लिए 15,000 नए बैंकिंग संवाददाताओं (बीसी) की नियुक्ति करेगा। यह जानकारी खुद बैंक के चेयरमैन व प्रबंध निदेशक ओ पी भट्ट ने एक प्रमुख अंग्रेजी आर्थिक अखबार से हुई बातचीत में दी। इससे बैंक ग्रामीण इलाकों में अपनी पैठ मजबूत करना चाहता है। बैंकिंग संवाददाता को बढ़ाना वित्तीय समावेश को व्यापक बनाने के लक्ष्य का एक हिस्साऔरऔर भी

नए वित्त वर्ष के पहले दिन 1 अप्रैल को रात 12 बजे से ही दिल्ली और मुंबई समेत देश के 13 बड़े शहरों में पेट्रोल व डीजल 50 पैसे प्रति लीटर तक महंगा हो गया है। इन शहरों में आज से यूरो-चार ग्रेड का पेट्रोल व डीजल सप्लाई किया जाएगा। एक सरकारी अधिकारी के मुताबिक दिल्ली में पेट्रोल 50 पैसे बढ़कर 47.93 रुपए प्रति लीटर और डीजल 26 पैसे बढ़कर 38.10 रुपए प्रति लीटर हो गया है।औरऔर भी

नए वित्त वर्ष 2010-11 का पहला दिन बैंकों में अपना पैसा बचत खाते में रखनेवाले करोड़ों आम लोगों के लिए शानदार तोहफा लेकर आया है। इस खाते पर ब्याज की दर तो पहले की तरह 3.5 फीसदी सालाना ही है। लेकिन अब इसे हर दिन के बैलेंस पर गिना जाएगा, जबकि अभी तक बैंक महीने की 10 तारीख और आखिरी तारीख तक खाते में सबसे कम बैलेंस राशि पर ब्याज देते रहे हैं। इसलिए पहले जहां बचतऔरऔर भी

“हम उस दौर में रह रहे हैं जहां समय भी पूंजी है और कोई भी जीवन की दौड़ में किसी से पीछे रहने को तैयार नहीं हैं। लेकिन इस भागमभाग में समय को नाथना जरूरी है। उसका नियोजन जरूरी है। नहीं तो समय बड़ी बेरहमी से हमें कुचलता हुआ आगे निकल जाता है।”और भीऔर भी