एलनेट टेक्नोलॉजीज बीएसई और एनएसई दोनों में लिस्टेड है। यह आईटी सॉफ्टवेयर उद्योग की कंपनी है। बाजार की अंदरूनी खबर रखनेवालों का कहना है कि यह शेयर अब नई रेंज में पहुचनेवाला है। मंगलवार को 10 रुपए अंकित मूल्य का यह शेयर बीएसई में 61.80 रुपए और एनएसई में 61.50 रुपए पर बंद हुआ है। एनएसई में पिछले 52 हफ्ते में इसका उच्चतम भाव 76.50 रुपए और न्यूनतम भाव 47 रुपए रहा है। एनएसई में मंगलवार कोऔरऔर भी

देश में वोलैटिलिटी इंडेक्स की शुरुआत के करीब दो साल बाद पूंजी बाजार नियामक संस्था सेबी ने इस इंडेक्स पर आधारित डेरिवेटिव सौदों यानी फ्यूचर व ऑप्शन (एफ एंड ओ) की भी इजाजत दे दी है। लेकिन शर्त यह है कि ऐसा उसी वोलैटिलिटी इंडेक्स में हो सकता है जो कम से कम एक साल से चल रहा हो। अभी वोलैटिलिटी इंडेक्स केवल नेशनल स्टॉक एक्सचेंज (एनएसई) ही चला रहा है। इसका नाम इंडिया वीआईएक्स है औरऔरऔर भी

यूं तो संसद में पेश किया गया कटौती प्रस्ताव सरकार के लिए काफी खतरनाक माना जाता है क्योंकि इसके पारित होने पर सरकार गिर सकती है। इसे अनुदान मांगों या किसी प्रस्ताव के खिलाफ विपक्ष द्वारा पेश किया जाता है। लेकिन इसकी कामयाबी का सारा दारोमदार लोकसभाध्यक्ष पर है। अगर उन्होंने कटौती प्रस्ताव पर सदन में मतदान की इजाजत नहीं दी तो मूल प्रस्ताव या अनुदान मांगों को ही पारित मान लिया जाता है। मान लिया जाताऔरऔर भी

आज संसद के भीतर और बाहर हंगामे का दिन है। लेफ्ट समेत 13 राजनीतिक पार्टियों से आज महंगाई के खिलाफ भारत बंद बुला रखा है। साथ ही वे संसद के भीतर पेट्रोल, डीजल व उर्वरक की बढ़ाई गई कीमतों को वापस लेने के लिए सरकार के खिलाफ कटौती प्रस्ताव या कट मोशन भी पेश करेंगी। कटौती प्रस्ताव की खासियत यह है कि अगर यह पारित हो गया तो सरकार गिर जाएगी। लेकिन ऐन वक्त पर यूपीए सरकारऔरऔर भी

वित्त मंत्रालय ने टैक्स रिटर्न भरने का नया फॉर्म सरल-।। जारी कर दिया है। इससे करदाताओं के लिए रिटर्न भरना आसान हो जाएगा। इसमें वे वेतन या ब्याज पर काटे गए टीडीएस (स्रोत पर कर कटौती) का विवरण भी आसानी से भर सकते हैं। यह फॉर्म पेश करने की घोषणा वित्त मंत्री प्रणब मुखर्जी ने वित्त वर्ष 2010-11 के बजट भाषण में की थी। जैसा उन्होंने बताया था, उसी के अनुरूप यह फॉर्म केवल दो पन्नों काऔरऔर भी

देश के सभी बैंक अब जन सेवा केंद्रों (कॉमन सर्विस सेंटर या सीएससी) को अपना बिजनेस करेंसपॉन्डेंट या प्रतिनिधि (बीसी) बना सकते हैं। इस साल 20 अप्रैल को पेश मौद्रिक नीति में रिजर्व बैंक ने कहा था कि मौजूदा दिशानिर्देशों के तहत बैंक व्यक्तियों की कुछ चुनिंदा श्रेणियों को ही बीसी बना सकते हैं। इस दायरे को बढ़ाने के लिए प्रस्ताव है कि बैंकों को सीएससी चलानेवाले व्यक्तियों समेत किसी भी बीसी बनाने की इजाजत दे दीऔरऔर भी

एचबी एस्टेट डेवलपर्स हरियाणा की कंपनी है। नाम के अनुरूप इसका धंधा है। सोमवार को इसके शेयर बॉम्बे स्टॉक एक्सचेंज में न बढ़े, न घटे। 73.30 रुपए तक उठने के बाद आखिर में शुक्रवार के बंद भाव 68.80 रुपए पर ही आकर टिक गए। बाजार में जरबदस्त चर्चा है कि एक जानामाना बड़ा ब्रोकरेज हाउस इसे खरीदने में लगा हुआ है। दूसरे, कुछ ट्रेडर्स ने इसमें शॉर्ट सेलिंग कर रखी है। कल यानी मंगलवार को वे इसेऔरऔर भी

नौकरीपेशा परिवारों की पढ़ी-लिखी गृहणियां अब वित्तीय बाजार में निवेश का मोर्चा संभालने की तरफ बढ़ रही हैं। खासकर वे शेयर बाजार और म्यूचुअल फंड में संभल-संभलकर ही सही, निवेश करने लगी हैं। यह बात अर्थकाम के एक अनौपचारिक और छोटे से सर्वेक्षण से पता चली है। हमने मुंबई, दिल्ली व कोलकाता के अलावा बर्नपुर (पश्चिम बंगाल), लुधियाना (पंजाब), लखनऊ, गाज़ियाबाद, मेरठ व बनारस (उ.प्र.), इंदौर (म.प्र.), जयपुर (राजस्थान) के कुछ परिचित दोस्तों से बात की। इनमेंऔरऔर भी

इधर पिछले कई महीनों से मिड कैप और स्माल कैप कंपनियों के शेयरों में ट्रेडिंग बढ़ती गई है। इसके बावजूद अब भी बाजार के कुल पूंजीकरण का करीब 70 फीसदी हिस्सा लार्ज कैप कंपनियों से आता है। बॉम्बे स्टॉक एक्सचेंज में ऐसी लार्ज कैप कंपनियों की सख्या महज 77 है। दूसरी तरफ मिड कैप कंपनियों में होनेवाला कारोबार बाजार के कुल पूंजीकरण का 20 फीसदी है और ऐसी कंपनियों की संख्या 209 है। लेकिन स्मॉल कैप कंपनियोंऔरऔर भी

आईपीएल में फ्रेंचाइची के मालिकाने के स्वरूप पर उठे विवाद के बीच जो चंद कंपनियां एकदम पाक-साफ निकली हैं, उनमें से एक है चेन्नई सुपरकिंग्स की मालिक इंडिया सीमेंट्स। बॉलीवुड के किसी भी सितारे की चमक के बिना चेन्नई सुपर किंग्स ने आईपीएल-3 में अपनी विजय की पताका लहरा दी है। मुंबई इंडियंस पर इन शानदार जीत का असर बहुत संभव है कि आज इंडिया सीमेंट के शेयरों पर भी नजर आए। शुक्रवार को बॉम्बे स्टॉक एक्सचेंजऔरऔर भी