देश चुकाए कीमत, मौज करेंगे विदेशी!

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने दुनिया भर के डेटा को भारत आने का न्यौता दे दिया। वित्तमंत्री निर्मला सीतारमण ने बजट मे विदेशी कंपनियों को भारत में डेटा सेंटर बनाने पर अगले बीस साल तक टैक्स से मुक्ति दे दी। अब अमेरिकी कंपनी एएमडी ने भारत में 200 मेगावॉट क्षमता का एआई डेटा सेंटर बनाने का इरादा घोषित कर दिया। इसमें उसने टीसीएस को जूनियर पार्टनर बनाया है। इस तरह मोदी प्रसन्न और सीतारमण का रमण-चक्र पूरा। लेकिन क्या आपको भान भी है कि इनकी प्रसन्नता और रमण के लिए देश को कितनी कीमत चुकानी पड़ेगी? ज़मीन तो छोड़ दीजिए क्योंकि सरकार हज़ारों एकड़ ज़मीन 25-30 साल के लिए एक रुपए सालाना की लीज़ पर देने का चलन चला चुकी है। डेटा सेंटर को विशाल ज़मीन ग्रामीण इलाकों में दी जाएगी। एआई मॉडल चलानेवाला डेटा सेंटर भारी मात्रा में बिजली और पानी खींचता है। 15 मेगावॉट क्षमता का औसत डेटा सेंटर हर दिन तीन बड़े अस्पतालों के जितना पानी इस्तेमाल करता है। बड़ा डेटा सेंटर तो हर दिन 50 लाख गैलन पानी खींचता है। इंटरनेशनल एनर्जी एजेंसी के मुताबिक औसत एआई डेटा सेंटर में सालाना एक लाख घरों के बराबर बिजली खपती है। वहां डीजल के जेनरेटर सेट अलग लगाकर रखे जाते हैं। सारी कीमत हम भारत के लोग चुकाएंगे। विदेशी कंपनियां कमाएंगी पूरा टैक्स-मुक्त मुनाफा। अब बुधवार की बुद्धि…

यह कॉलम सब्सक्राइब करनेवाले पाठकों के लिए है.
'ट्रेडिंग-बुद्ध' अर्थकाम की प्रीमियम-सेवा का हिस्सा है। इसमें शेयर बाज़ार/निफ्टी की दशा-दिशा के साथ हर कारोबारी दिन ट्रेडिंग के लिए तीन शेयर अभ्यास और एक शेयर पूरी गणना के साथ पेश किया जाता है। यह टिप्स नहीं, बल्कि स्टॉक के चयन में मदद करने की सेवा है। इसमें इंट्रा-डे नहीं, बल्कि स्विंग ट्रेड (3-5 दिन), मोमेंटम ट्रेड (10-15 दिन) या पोजिशन ट्रेड (2-3 माह) के जरिए 5-10 फीसदी कमाने की सलाह होती है। साथ में रविवार को बाज़ार के बंद रहने पर 'तथास्तु' के अंतर्गत हम अलग से किसी एक कंपनी में लंबे समय (एक साल से 5 साल) के निवेश की विस्तृत सलाह देते हैं। इस कॉलम को पूरा पढ़ने के लिए आपको यह सेवा सब्सक्राइब करनी होगी। सब्सक्राइब करने से पहले शर्तें और प्लान व भुगतान के तरीके पढ़ लें। या, सीधे यहां जाइए।
अगर आप मौजूदा सब्सक्राइबर हैं तो यहां लॉगिन करें...

Existing Users Log In
   
New User Registration
Please indicate that you agree to the Terms of Service *
captcha
*Required field