किन्ने कहा किन्ने कहा, बब्बन हज्जाम ने कहा। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी अपनी सरकार की आलोचनाओं की ठीकरा नाराज़ फूफाओं पर फोड़ने में लगे हैं। लेकिन इससे पहले ही मोदी सरकार में जुलाई 2017 से जुलाई 2019 तक दो साल वित्त मंत्रालय में आर्थिक मामलात से लेकर वित्त सचिव जैसे शीर्ष पदों पर रहे सुभाष चंद्र गर्ग ने बब्बन हज्जाम बनकर उनकी ऐसी पोल-पट्टी खोली कि हंगामा बच गया। मोदी सरकार का दिखाने का अंतिम दांत जीडीपी का विकास भी हिलने लगा तो उसने इसे बचाने के लिए सरकारी मशीनरी व अर्थशास्त्रियों के साथ ही निजी विश्लेषकों तक की फौज झोंक दी। गर्ग ने बस इतना कहा था कि 2025-26 की जिस पहली तिमाही से 2026-27 की पहली तिमाही से तुलना कर सरकार ने जीडीपी की 10.3% नॉमिनल विकास दर निकाली है, उसमें नॉमिनल जीडीपी ₹86,05,365 करोड़ रहा था। सरकार ने इसे पूरा ₹6,05,173 करोड़ घटाकर ₹80,00,192 करोड़ कर दिया तो अप्रैल-जून 2026 तिमाही का नॉमिनल जीडीपी ₹88,26,871 करोड़ पहले से 10.3% ज्यादा निकला। अन्यथा वो 2.57% ही बढ़ता। इसमें से अगर 2.51% का डिफ्लेटर घटा दें तो रीयल विकास दर 7.8% नहीं, महज 0.06% ही निकलती। सरकार जीडीपी की पुरानी और नई सीरीज़ का हवाला देकर छद्म छिपा रही है। लेकिन कब तक? अब सोमवार का व्योम…
यह कॉलम सब्सक्राइब करनेवाले पाठकों के लिए है.
'ट्रेडिंग-बुद्ध' अर्थकाम की प्रीमियम-सेवा का हिस्सा है। इसमें शेयर बाज़ार/निफ्टी की दशा-दिशा के साथ हर कारोबारी दिन ट्रेडिंग के लिए तीन शेयर अभ्यास और एक शेयर पूरी गणना के साथ पेश किया जाता है। यह टिप्स नहीं, बल्कि स्टॉक के चयन में मदद करने की सेवा है। इसमें इंट्रा-डे नहीं, बल्कि स्विंग ट्रेड (3-5 दिन), मोमेंटम ट्रेड (10-15 दिन) या पोजिशन ट्रेड (2-3 माह) के जरिए 5-10 फीसदी कमाने की सलाह होती है। साथ में रविवार को बाज़ार के बंद रहने पर 'तथास्तु' के अंतर्गत हम अलग से किसी एक कंपनी में लंबे समय (एक साल से 5 साल) के निवेश की विस्तृत सलाह देते हैं।
इस कॉलम को पूरा पढ़ने के लिए आपको यह सेवा सब्सक्राइब करनी होगी। सब्सक्राइब करने से पहले शर्तें और प्लान व भुगतान के तरीके पढ़ लें। या, सीधे यहां जाइए।
अगर आप मौजूदा सब्सक्राइबर हैं तो यहां लॉगिन करें...
