इंडोको रेमेडीज ने हफ्ते भर पहले दूसरी तिमाही के नतीजे घोषित किए हैं और ये नतीजे उम्मीद के बेहतर रहे हैं। यही वजह है कि पिछले पांच कारोबारी सत्रों में उसका शेयर 430.10 रुपए से बढ़कर 519.90 रुपए तक जा चुका है। हालांकि कल बीएसई में बंद हुआ 505.50 रुपए पर। इस तरह चंद दिनों में यह शेयर करीब 20 फीसदी की बढ़त ले चुका है। आईसीआईसीआई सिक्यूरिटीज की रिसर्च रिपोर्ट कहती है कि यह शेयर आराम से 546 रुपए तक जा सकता है। यानी, अभी इसमें 8 फीसदी और बढ़ने की पूरी गुंजाइश है।
जैसा कि नाम से जाहिर है, इंडोको रेमेडीज दवा कंपनी है। पिछले साल की सितंबर तिमाही की तुलना में इस साल की सितंबर तिमाही में उसकी बिक्री 39 फीसदी बढ़करर 132.3 करोड़ रुपए और शुद्ध लाभ 65 फीसदी बढ़कर 15.3 करोड़ रुपए हो गया है। कंपनी के परिचालन और शुद्ध लाभ मार्जिन में भी सुधार आया है। कंपनी की बिक्री का 67 फीसदी हिस्सा घरेलू बाजार से और बाकी 33 फीसदी हिस्सा निर्यात से आता है। कंपनी के पास इस समय करीब 200 करोड़ रुपए का कैश है। वह अपनी क्षमता बढ़ाने में भी लगी है।
कंपनी का ठीक पिछले बारह महीनों (टीटीएम) का ईपीएस (प्रति शेयर लाभ) 37.47 रुपए रहा है और उसका शेयर 13.49 के पी/ई अनुपात पर ट्रेड हो रहा है, जबकि दवा उद्योग का औसत पी/ई अनुपात 20 के आसपास है। आईसीआईसीआई सिक्यूरिटीज का आकलन है कि वित्त वर्ष 2010-11 में इसका ईपीएस 45.3 रुपए और वित्त वर्ष 2011-12 में 54.6 रुपए रहेगा। इसीलिए उसने 10 का पी/ई मानते हुए इसके 546 रुपए तक जाने की संभावना बताई है। उसके शेयर की मौजूदा बुक वैल्यू 277.16 रुपए है।
कंपनी की इक्विटी 12.28 करोड़ रुपए है जो 10 रुपए अंकित मूल्य के शेयरों में विभाजित है। इसके शेयर बीएसई (कोड – 532612) और एनएसई (कोड – INDOCO) में लिस्टेड हैं। कंपनी की इक्विटी में प्रवर्तकों की हिस्सेदारी 60.95 फीसदी है, जबकि एफआईआई के पास उसके 3.33 फीसदी और घरेलू संस्थाओं (डीआईआई) के पास 9.97 फीसदी शेयर हैं। कंपनी का प्रबंधन दुरुस्त है और इसमें निवेश सुरक्षित और लंबे समय के लिए काफी लाभप्रद साबित होगा।
अंत में छोटी-सी बात कि बाजार जब भी गिर रहा हो, तब बेचने की मूर्खता नहीं करनी चाहिए। तेजड़िये तो ऐसे मूर्खों को पसंद करते हैं जो गिरे हुए भावों पर घबराकर अपने शेयर निकाल देते हैं। शेयर में निवेश किया है तो घाटे में कभी मत बेचिए। रखे रहिए। कम से कम एफडी से ज्यादा रिटर्न मिले, तभी बेचना चाहिए। इसके लिए धीरज धरना जरूरी है।
