केंद्रीय जांच ब्यूरो (सीबीआई) ने सोमवार को 2जी स्पेक्ट्रम घोटाले में एस्सार समूह और लूप टेलिकॉम के पांच अधिकारियों के खिलाफ चार्जशीट दाखिल कर दी। इसमें सीबीआई ने अंशुमान रुइया, रवि रुइया, विकास सर्राफ़, किरण खेतान और आई पी खेतान के ख़िलाफ़ आपराधिक साज़िश और धोखाधड़ी का मामला दर्ज किया है। यह 2जी घोटाले में सीबीआई की तरफ से दाखिल तीसरी चार्जशीट है।
एस्सार समूह पर आरोप है कि वो वोडाफ़ोन कंपनी में हिस्सेदारी के ज़रिए लूप टेलिकॉम पर नियंत्रण कर रहा है। आरोपियों में रवि व अंशुमान रुइया तो एस्सार समूह के प्रवर्तक हैं, जबकि विकास सर्राफ समूह के निदेशक (रणनीति व योजना) और किरण खेतान लूप टेलिकॉम की प्रवर्तक हैं, जबकि आई पी खेतान उनके पति हैं। चार्जशीट में इनके अलावा एस्सार समूह और लूप टेलिकॉम के नाम भी शामिल हैं।
पांचों आरोपियों तथा दोनों कंपनियों के खिलाफ भारतीय दंड संहिता की धारा 120 बी (आपराधिक साजिश) और 420 (धोखाधड़ी) के तहत आरोप लगाया गया है। विशेष सीबीआई न्यायाधीश ओ पी सैनी जल्दी ही इस तीसरी चार्जशीट को संज्ञान में लेंगे। उधर, एस्सार समूह ने 2जी मामले में लगाए गए सारे आरोपों से इनकार किया है।
