पैसे से पैसा कैसा बनाया जाए – इसकी तलाश दुनिया में हर किसी को रहती है। बिना यह जाने कि पैसे में जो खरीद-फरोख्त की शक्ति आती है, आखिर उसका स्रोत क्या है? भारत में पैसे से पैसा बनाने की यह दीवानगी करीब 1.07 करोड़ लोगों पर सवार है जो शेयर बाज़ार में सक्रिय ट्रेडिंग करते हैं, कैश सेगमेंट से लेकर डेरिवेटिव सेगमेंट तक में। डेरिवेटिव्स में भी ज्यादातर व्यक्तिगत ट्रेडर इंडेक्स ऑप्शंस और स्टॉक ऑप्शंस में खेलते हैं। शेयर बाजार में सक्रिय 1.07 करोड़ व्यक्तिगत ट्रेडरों में से करीब 96 लाख ट्रेडर 13 प्रमुख स्टॉक ब्रोकरों के मंच या कहें तो मचमच से जुड़े हैं। पूंजी बाज़ार नियामक संस्था, सेबी ने प्रमुख ब्रोकरों से जुड़े इन्हीं करीब 96 लाख अलग-अलग या यूनीक ट्रेडरों के डेटा का एक व्यापक अध्ययन किया है। यह अध्ययन मुख्यतः इक्विटी डेरिवेटिव सेगमेंट (ईडीएस) पर केंद्रित था। मकसद था कि सेबी ने इक्विटी इंडेक्स डेरिवेटिव के फ्रेमवर्क, खासकर ऑप्शंस को लेकर 20 नवंबर 2024 से जो कदम उठाए हैं, वे कितने कारगर हुए हैं। पता चला है कि दिसंबर 2024 से मई 2025 के दौरान इंडेक्स ऑप्शंस का टर्नओवर, व्यक्तियों के प्रीमियम और ईडीएस में सक्रिय व्यक्तिगत ट्रेडरों की संख्या साल भर पहले की समान अवधि से क्रमशः 29%, 11% और 20% कम तो है, लेकिन दो साल पहले की तुलना में क्रमशः 42%, 36% और 24% ज्यादा है। आखिर ऐसा कैसे हो गया? अब सोमवार का व्योम…
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