शेयर बाजार से जीविका है बड़ा यज्ञ प्रश्न!

दो साल से कोरोना ने जितने लोगों को संक्रमित किया, जितने लोगों की जान ली, उससे कई-कई गुना ज्यादा लोग काम-धंधे के ठप हो जाने, नौकरी चले जाने या वेतन घटा दिए जाने से परेशान हैं। मेरा एक परिचित नौजवान पहले एनजीओ में नौकरी करता था। करीब साल भर पहले उसकी नौकरी चली गई तो उसने बेसब्री से पूछा कि क्या मैं शेयर बाज़ार में ट्रेडिंग से अपना घर-परिवार नहीं चला सकता? इस वक्त देश में ऐसे लाखों नौजवान हैं जिन्हें लगता है कि छोटा-मोटा काम करने के बजाय शेयर बाज़ार में नियमित ट्रेडिंग से जीविका चलाई जा सकती है। लेकिन यह मसला यक्ष प्रश्न जैसा है जिसमें प्यासे को तालाब का पानी कुछ ही कदम दूर लगता है। मगर उसे पाने के चक्कर में जान चली जाती है। अब सोमवार का व्योम…

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