यंत्र नहीं बन सकता बाज़ार का मंत्र
बाज़ार भांति-भांति के ट्रेडरों व निवेशकों की साझा भावना से चलता है। फिर हर स्टॉक अलग-अलग लोगों को अपनी तरफ खींचता है। ऊपर से ब्रोकर, जॉबर, फंड मैनेजर, सिस्टम ट्रेडर व प्रोफेशनल ट्रेडर अपने दांव चलते हैं। साथ ही लाखों ऐसे लोग जिनका पता ही नहीं कि बाज़ार कैसे चलता है। हर दिन इन सबकी भावनाओं से भाव व बाज़ार चलता है। इसे किसी यांत्रिक विधि से नहीं पकड़ा जा सकता। अब करें नए हफ्ते का आगाज़…औरऔर भी
