ट्रेडर हैं, मालिक या रिटेल ग्राहक नहीं
प्याज़ सस्ता बिके या महंगा, व्यापारी को फर्क नहीं पड़ता। उसका काम थोक में माल खरीदकर रिटेल में बेचना है। इस तरह ज्यादा नहीं, थोड़े-थोड़े मार्जिन को जोड़कर वो मज़े में कमा लेता है। लेकिन शेयर बाज़ार के ट्रेडर अपनी सीमाएं भूलकर खुद को मालिक या रिटेल ग्राहक बना डालते हैं तो बराबर मुंह की खाते हैं। वे सामान्य व्यापारी हैं, इस हकीकत को याद रखें तो मंदी या तेज़ी में भी कमाएंगे। अब गुरुवार की दशा-दिशा…औरऔर भी
