बजट नहीं, समझें बाजार का स्वभाव
नए वित्त वर्ष 2017-18 का बजट आ गया। अगले कुछ दिन जानकार लोग इसके विश्लेषण में लगे रहेंगे। जीएसटी का अहम सुधार बाद में लागू किया जाना है। वैसे, खांटी ट्रेडरों के लिए खबरों का बहुत ज्यादा मायने-मतलब नहीं होता। वे तो वित्तीय बाजार के स्वभाव से खेलने हैं जो कभी सीधी रेखा में नहीं चलता। हमेशा ऊपर-नीचे होता रहता है। लहर की हर डुबकी उनके लिए कमाने का मौका होती है। अब पकड़ें गुरुवार की दशा-दिशा…औरऔर भी
