ट्रेडर यार किसके, झटफट कमाके खिसके!
शेयर बाज़ार में ट्रेडिंग तुरत-फुरत का खेल है। ज्यादातर ट्रेडर इंट्रा-डे सौदे निपटाते हैं। संस्थाएं इंट्रा-डे ट्रेडिंग में हैं नहीं तो समूचा मैदान व्यक्तिगत ट्रेडरों के लिए खुला है। स्विंग, मोमेंटम या पोजिशनल ट्रेडिंग की मीयाद भी कुछ दिन से लेकर अधिक से अधिक एकाध महीने होती है। ट्रेडर अपनी पूंजी इससे ज्यादा नहीं फंसाता। इसलिए न्यूनतम रिस्क में अधिकतम कमाई की सोचवाले ट्रेडर हमेशा बढ़ते शेयरों पर दांव लगाकर कमाते रहे हैं। अब मंगलवार की दृष्टि…औरऔर भी
