परेशां लघु क्षेत्र, नीयत खोटी सरकार की
देश में सूक्ष्म, लघु व मध्यम उद्यमों (एमएसएमई) का अटका भुगतान बड़ी सरकारी व निजी कंपनियों से दिलवाने के लिए जनवरी 2017 से लागू ट्रेड रिसीवेबल डिस्काउंटिंग सिस्टम या ट्रेड्स (TReDS) की व्यवस्था अपनी सामर्थ्य दिखा चुकी है। लागू होने पहले साल वित्त वर्ष 2017-18 में इस प्लेटफॉर्म से छोटे उद्यमों को ₹950 करोड़ ही मिल सके। लेकिन वित्त वर्ष 2021-22 में यह रकम ₹40,000 करोड़ और वित्त वर्ष 2024-25 मे ₹2.33 लाख करोड़ तक जा पहुंची।औरऔर भी
