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hurt melts

पिघल जाए चोट

2023-08-12
By: अनिल रघुराज
On: August 12, 2023
In: ऋद्धि-सिद्धि

और भीऔर भी

drashta

अपने ही दृष्टा

2023-08-11
By: अनिल रघुराज
On: August 11, 2023
In: ऋद्धि-सिद्धि

और भीऔर भी

andar bahar dono

नहीं तो सब सूना

2023-08-10
By: अनिल रघुराज
On: August 10, 2023
In: ऋद्धि-सिद्धि

और भीऔर भी

badalaav

हम बदले हैं, वो भी बदला

2023-08-09
By: अनिल रघुराज
On: August 9, 2023
In: ऋद्धि-सिद्धि

और भीऔर भी

jina abhi

जीना वर्तमान में, साधना भविष्य को

2023-08-08
By: अनिल रघुराज
On: August 8, 2023
In: ऋद्धि-सिद्धि

और भीऔर भी

sanvaad

संवाद से ही राष्ट्र

2023-07-09
By: अनिल रघुराज
On: July 9, 2023
In: ऋद्धि-सिद्धि

और भीऔर भी

kidhar hai dhyan

किधर है ध्यान

2023-06-30
By: अनिल रघुराज
On: June 30, 2023
In: ऋद्धि-सिद्धि

और भीऔर भी

andar baahar

घटता अंदर-बाहर

2023-06-29
By: अनिल रघुराज
On: June 29, 2023
In: ऋद्धि-सिद्धि

और भीऔर भी

atit aur itihaas me fark

फर्क अतीत और इतिहास का

2023-06-28
By: अनिल रघुराज
On: June 28, 2023
In: ऋद्धि-सिद्धि

और भीऔर भी

parampara safalata nahi

परम्परा सफलता की गारंटी नहीं

2023-06-27
By: अनिल रघुराज
On: June 27, 2023
In: ऋद्धि-सिद्धि

और भीऔर भी

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निवेश – तथास्तु

  • युद्ध के कोहराम में शेयर बाज़ार धड़ाम!
    15 Mar 2026

    मध्य-पूर्व में युद्ध का कोहराम। शेयर बाज़ार में अफरातफरी का आलम। हर दिन और हफ्ते निवेशकों की भीड़ हांकनेवाले दिग्गज कह रहे हैं कि यह मंदी का बाज़ार है और सब कुछ बेच-बांचकर निकल लो। लम्बे निवेश की सोच व दृष्टि रखनेवाले निवेशकों को इस भेड़चाल से मुक्ति पानी होगी। यह सच है कि अमेरिका-इज़राइल द्वारा ईरान पर थोपे गए युद्ध की क्रिया-प्रतिक्रिया में कच्चे तेल के दाम करीब 25% बढ़कर 100 डॉलर प्रति बैरल तक पहुंच […]

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क्या आप जानते हैं?

  • हमारी आंखें बैक्टीरिया के जीन की देन!

    इंसान से लेकर हाथी, घोड़ा, गाय-बैल, सांप, छिपकली, मेढक, मगरमच्छ व चिड़ियों तक धरती पर जितने भी 69,963 किस्म के रीढ़वाले या कशेरुकी (vertebrates) जीव-जन्तु हैं, उन्होंने देखने की क्षमता वाली अपनी आंखें एक बैक्टीरिया के जीन से हासिल की है। यह सच अप्रैल 2023 में पीएनएएस (प्रोसीडिंग्स ऑफ द नेशनल एकेडमी ऑफ साइंसेज) की …

अपनों से अपनी बात

  • साल में 41-112%, मिले है सिर्फ यहां!

    भारतीय अर्थव्यवस्था बढ़ रही है और आगे भी बढ़ेगी। लेकिन कहा जा रहा है कि इसका लाभ आम आदमी को पूरा नहीं मिलता। अमीर-गरीब की खाईं बढ़ रही है। बाज़ार को आंख मूंदकर गालियां दी जा रही हैं। लेकिन बाज़ार सचेत लोगों के लिए आय और दौलत के सृजन ही नहीं, वितरण का काम भी करता है। हमने तथास्तु सेवा इसीलिए शुरू की है ताकि अर्थव्यवस्था, खासकर कंपनियों के बढ़ने का लाभ निपट गरीबी से ऊपर रहनेवाले लोगों तक पहुंचाया जा सके। वे जिन्हें बैंक बहुत हुआ तो 9 प्रतिशत देता है, जबकि वास्तविक महंगाई की दर 10 प्रतिशत से ऊपर रहती है। वे भागकर जाते हैं सोने और रीयल एस्टेट में चले जाते हैं तो उनकी बचत लॉक हो जाती है। देश के काम नहीं आती। खुद उनके कितने काम आएगी, यह भी पक्का नहीं। जो पिछले साढ़े चार सालों से अर्थकाम से जुड़े हैं, वे हमारी ईमानदारी और सत्यनिष्ठा से भलीभांति वाकिफ हैं। शुरू में हम भी कच्चे थे तो बाज़ार के उस्तादों के जाल में फंस गए। गलतियां कीं। लेकिन जैसे ही समझ में आया, खटाक से उनसे किनारा कस लिया। करीब सवा साल पहले से नए सिरे से शुरू किया तो मजबूत आधार और गहन रिसर्च के साथ। उसी का नतीजा है कि हमारी सलाहें शानदार-जानदार रिटर्न दे रही हैं। पिछली बार हमने अगस्त 2013 से अगस्त 2014 तक का लेखाजोखा रखा था। अब सितंबर 2013 से सितंबर 2014 की बानगी पेश है। सितंबर 2013 में पांच रविवार थे तो पांच कंपनियां। आप नीचे की सारिणी से देख सकते हैं कि पांच में चार ने अपना (तीन से पांच साल का) लक्ष्य साल भर में ही पूरा कर लिया है, जबकि एक कंपनी 84.57 प्रतिशत रिटर्न के साथ लक्ष्य से ज़रा-सा पीछे है। तारीख कंपनी तब का भाव समय लक्ष्य 30/09/14 का भाव रिटर्न (%) 01/09/13 डॉ. रेड्डीज़ लैब 2292.90 3 साल 2815 3229.60 40.85 08/09/13 एचडीएफसी बैंक 616.20 3 साल 850 872.65 41.62 15/09/13 अतुल ऑटो 173.65 5 साल 260 367.90 111.86 22/09/13 कमिन्स इंडिया 409.25 3 साल 474 671.05 63.97 29/09/13 नवनीत एजुकेशन 53.15 3 साल 110 98.10 84.57   यहां यह भी गौर करने की बात है कि हम आमतौर पर हर महीने लार्जकैप, मिडकैप और स्मॉल कैप का संतुलन बनाकर चलते हैं। यह भी बताते हैं कि कहां पर एंट्री करें और आपके पास कुल एक लाख रुपए हों तो उस हफ्ते की कंपनी में कितना लगाना चाहिए, उसके कितने शेयर खरीदने चाहिए। मसलन, सितंबर 2013 में हमने तीन लार्जकैप, एक मिडकैप और एक स्मॉल कैप कंपनी आपके निवेश के लिए पेश की थी। इसमें से लार्ज कैप कंपनियों में डॉ. रेड्डीज़ लैब का शेयर लक्ष्य हासिल कर चुका है और यही नहीं, 24 सितंबर 2014 को 3356.60 रुपए पर 52 हफ्ते का शिखर पकड़ चुका है। एचडीएफसी बैंक भी लक्ष्य हासिल करने के साथ ही 30 सितंबर 2014 को 879.80 रुपए का शिखर हासिल कर चुका है। कमिन्स इंडिया भी लक्ष्य हासिल कर लेने के साथ 4 सितंबर 2014 को 720 रुपए पर 52 हफ्ते का शीर्ष छू चुका है। स्मॉल कैप की श्रेणी वाला स्टॉक अतुल ऑटो साल भर में 111.86 प्रतिशत का रिटर्न देकर लक्ष्य के काफी आगे निकल चुका है। यही नहीं, 12 सितंबर 2014 को वो 446.90 रुपए का शिखर भी चूम चुका है। बाकी बची मिडकैप कंपनी नवनीत एजुकेशन में तीन साल का लक्ष्य 110 रुपए था। उसका शेयर 10 सितंबर 2014 को 104.90 रुपए तक जाने के बाद 30 सितंबर को 2014 को 98.10 रुपए पर था, जो साल का 84.97 रिटर्न दिखाता है। आप ऊपर की सारिणी से देख सकते हैं कि 1 सितंबर 2013 से 30 सितंबर 2014 तक की अवधि में तथास्तु में बताई पांच कंपनियों ने न्यूनतम 40.85 प्रतिशत और अधिकतम 111.86 प्रतिशत रिटर्न दिया है। इसी दौरान एनएसई निफ्टी ने 5550.75 से 7964.80 तक जाकर 43.49 प्रतिशत और बीएसई सेंसेक्स ने 18,886.13 से 26,567.99 तक पहुंचकर 40.67 प्रतिशत का रिटर्न दिया है। दोस्तों! पुरानी बात फिर दोहरा रहा हूं कि मात्र 200 रुपए में अगर कोई सवा आपको बाज़ार से ज्यादा रिटर्न दिला रही है, वो भी आपको आपकी भाषा में अच्छी तरह कंपनी की जानकारी देकर तो क्या इस सेवा को आपका और आपको इस सेवा का लाभ नहीं मिलना चाहिए। बढ़ रही अर्थव्यवस्था का लाभ उठाइए। यकीन मानिए कि मोदी की सरकार बस एक निमित्त मात्र है। वो रहे या कोई और आए, अगले दस साल भारतीय अर्थव्यवस्था के लिए जबरदस्त प्रगति के साल होने जा रहे हैं। इस दौरान एक साल में दोगुना ही नहीं, दस साल में अपनी बचत से दस गुना दौलत बनाने के मौके बहुत सारे आएंगे। दूसरे आपको बस उल्लू बनाएंगे। केवल हम ही हैं जो पूरी ईमानदारी और सत्यनिष्ठा से आपके लिए निवेश के हर रविवार को शानदार मौके लेकर आते रहेंगे। तुलसीदास की चौपाई याद कीजिए – सकल पदारथ है जन मांही, कर्महीन नर पावत नाहीं। आपके हिस्से का कुछ कर्म हम कर दे रहे हैं। बाकी तो आपको ही करना पड़ेगा। इसलिए…. सोचिए। समझिए। फैसला कीजिए। तथास्तु!!!

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ट्रेडिंग – बुद्ध

  • नेहरू के दौर में बनी रेअर अर्थ कंपनी!
    18 Mar 2026

    देश ने आज़ादी के फौरन बाद रेअर अर्थ खनिजों या तत्वों का महत्व समझ लिया था। नेहरू के दौर में ही 18 अगस्त 1950 को बाकायदा इंडियन रेअर अर्थ्स लिमिटेड बना ली गई। इसकी रेअर अर्थ डिवीज़न ने केरल के अलूवा में काम करना शुरू कर दिया। फिर साल 1963 में इसे भारत सरकार के परमाणु ऊर्जा विभाग के तहत काम करनेवाली सरकारी कंपनी बना दिया गया। इसी के साथ उसने केरल और तमिलनाडु की कुछ जगहों […]

जानिए

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क्या आप जानते हैं?

हमारी आंखें बैक्टीरिया के जीन की देन!

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