भयंकर अवसाद
2012-09-18
हर कोई किसी न किसी रूप में बलवान है, सशक्त है। बस, हम ही हर रूप में कमजोर हैं, अशक्त हैं। ये सोच भयंकर अवसाद का लक्षण है। कोई दवा हमें इससे बाहर नहीं निकाल सकती। लड़ने का मनोबल और अपने अनोखे गुणों का भरोसा ही इसका इलाज है।और भीऔर भी
आदत से अशक्त
2012-08-27
जो साफ-साफ दिखता है, उसको उल्टा देखना हमारी आदत है। हम जिस पर अंध आस्था रखते हैं, जिससे शक्ति पाने की उम्मीद करते हैं, उससे हमें कुछ नहीं मिलता। बल्कि हमारी शक्ति उसे मिल जाती है। वह शक्तिमान बन जाता है और हम दीनहीन।और भीऔर भी








