वैसे तो हर मां को अपना कुरूप बच्चा भी रूपवान लगता है। लेकिन हम भी तो अपने पर फिदा रहते हैं। आईना हमें अपनी ही नजर से खुद को देखने का मौका देता है। सोचिए, आईना नहीं होता तो क्या होता?और भीऔर भी