बाज़ार में निपटें इंसानी कमज़ोरियों से
वित्तीय बाज़ार को समझने और पकड़ने के लिए कोशिश अर्थशास्त्र के जनक एडम स्मिथ के ज़माने से ही हो रही है। एक राय यह है कि भाव सभी पुरानी व नई उपलब्ध सूचनाओं के अलावा भावी संभावनाओं को भी जज्ब किए होते हैं। इसलिए अब तक के भावों का विश्लेषण कल के भावों का एकदम सटीक हाल बता देगा। वहीं, दूसरी राय इंसान की स्वभावगत कमज़ोरियों को भी तवज्जो देती है। अब देखते हैं सोमवार का व्योम…औरऔर भी
