चार्ट महत्वपूर्ण हैं, लेकिन सर्वोपरि नहीं
कंपनी के शेयरों की सप्लाई दरअसल, प्रवर्तकों के हिस्से से बचे फ्लोटिंग स्टॉक पर बंधी रहती है। संस्थाएं भी अपने शेयरधारिता हड़बड़ी में नहीं निकालतीं। शेयर की नई मांग तभी बनती है जब उस कंपनी की उपलब्धि व संभावना बढ़ जाती है। फिर खरीद बढ़ने से उसके शेयर उछल जाते हैं। यही बात चार्ट पर दिखती है। चार्ट कंपनी की काया या धंधे की छाया है। इसलिए चार्ट को सर्वोपरि मानना सही नहीं। अब गुरु की दशा-दिशा…औरऔर भी
