काम-धंधा बनाया है, रहें पूरा चौकन्ना
शेयर बाज़ार के निवेशक आम ग्राहक की तरह है जो काम की चीज़े खरीदकर अपने मूल काम-धंधे में लग जाते हैं और अगली बार ज़रूरत पड़ने पर ही फिर बाज़ार का रुख करते हैं। लेकिन ट्रेडर का तो काम-धंधा ही शेयर बाज़ार से चलता है। उसे नियमित अंतराल पर बाज़ार का चक्कर लगाना पड़ता है। इसलिए उसकी मानसिकता अलग होती है और उससे ज्यादा चौंकन्नापन बरतने की अपेक्षा की जाती है। अब करते हैं शुक्र का अभ्यास…औरऔर भी
