अप ट्रेन्ड में ही ट्रेड करना व्यावहारिक
वित्तीय बाज़ार में तीन ट्रेन्ड होते हैं। अप-ट्रेन्ड, डाउन-ट्रेन्ड और साइड-वेज़। सिदधांततः तीनों ही ट्रेन्ड में ट्रेडिंग से कमाया जा सकता है। डाउन-ट्रेन्ड में बाज़ार व शेयरों के गिरने पर शॉर्ट सौदों से कमा सकते हैं। मगर, ये सौदे केवल एफ एंड ओ सेगमेंट में किए जा सकते हैं जिसमें न्यूनतम लॉट 5 लाख रुपए का है। वहीं साइड-वेज़ में सीमित रेंज के कारण ज्यादा फायदा नहीं मिलता। तब अप-ट्रेन्ड ही बचता है। अब गुरुवार की दशा-दिशा…औरऔर भी
