धार ऐसी कि तोड़े सिलसिला घाटे का
बैंक, हेज फंड, बीमा कंपनियां, एफआईआई व म्यूचुअल फंड जैसी संस्थाएं शेयर या किसी भी वित्तीय बाज़ार की ट्रेडिंग में बराबर मुनाफा कमाती हैं। वहीं 99% रिटेल ट्रेडर बराबर घाटा खाते हैं। आखिर क्यों? दोनों के पास तो वही भाव और समान सूचनाएं होती हैं! कोई तो धार रिटेल ट्रेडरों से छिटकी पड़ी है। दोस्तों! हम उसी धार को सामने लाने की पुरज़ोर कोशिश में लगे हैं ताकि घाटे का सिलसिला टूट जाए। अब बुधवार की बुद्धि….औरऔर भी
