सही तो वाह! गलत तो सुभान-अल्ला
हर दिन हमारे अपने शेयर बाज़ार मं डेढ़ से दो लाख करोड़ रुपए इधर से उधर होते हैं। ब्रोकर समुदाय तो इस पर 0.1% का कमीशन भी पकड़ें तो हर दिन मजे से 200 करोड़ रुपए बना लेता है। लेकिन हमारे जैसे लाखों लोग ‘जल बिच मीन पियासी’ की हालत में पड़े रहते हैं। बूंद-बूंद को तरसते हैं। सामने विशाल जल-प्रपात। लेकिन हाथ बढ़ाकर पानी की दो-चार बूंद भी नहीं खींच पाते। पास जाएं तो जल-प्रपात झागऔरऔर भी
मालभाड़े से ज्यादा बढ़ी रेल किराए से आमदनी
भारतीय रेल की आमदनी का मुख्य हिस्सा मालभाड़े से आता है और अमूमन उसकी वृद्धि दर यात्री किराए से ज्यादा रहती है। लेकिन चालू वित्त वर्ष के पहले आठ महीनों में यात्री किराए से रेलवे की आमदनी जहां 9.41 फीसदी बढ़ी है, वहीं मालभाड़े से हुई आमदनी 5.83 फीसदी ही बढ़ी है। रेल मंत्रालय के आंकड़ों के अनुसार वित्त वर्ष 2010-11 में अप्रैल से नवंबर तक के आठ महीनों में भारतीय रेल की कुल आमदनी में 7.18औरऔर भी


