व्यक्ति और समाज
2010-12-27
ये वर्ग और वर्ग संघर्ष संक्रमण काल की चीजें हैं। शांति काल आते ही व्यक्ति ही अंतिम सत्य बन जाता है और सामाजिक व्यवस्था एक-दूसरे को निचोड़ने-खसोटने का जंगल राज बन जाती है।और भीऔर भी
ये वर्ग और वर्ग संघर्ष संक्रमण काल की चीजें हैं। शांति काल आते ही व्यक्ति ही अंतिम सत्य बन जाता है और सामाजिक व्यवस्था एक-दूसरे को निचोड़ने-खसोटने का जंगल राज बन जाती है।और भीऔर भी
कहा जाता है कि मेहनत से किसी को कुछ भी मिल सकता है। लेकिन सच यह है कि अकेली मेहनत से आप अपने सामाजिक-आर्थिक ऑरबिट या वर्ग की हद तक ही बढ़ सकते हैं। उससे ज्यादा नहीं।और भीऔर भी
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