खिड़की-दरवाजे सारे बंद। फिर भी छिपे से छिपे कोने तक में धूल आ ही जाती है। धूल न भी दिखे तो लाखों जीवाणु घर किए रहते हैं। इसलिए हर दिन सफाई जरूरी है। हर दिन मनन जरूरी है, अध्ययन जरूरी है।और भीऔर भी

अलीगढ़ मुस्लिम विश्व विद्यालय (एएमयू) की जैव-प्रौद्योगिकी प्रयोगशाला के वैज्ञानिकों ने बहु-औषधि प्रतिरोधक एनडीएम-1 सुपरबग का आसानी से पता लगाने की तकनीक विकसित की है। विश्वविद्यालय के जैव-प्रौद्योगिकी विभाग के वैज्ञानिक डॉक्टर असद खान ने गुरुवार को अलीगढ़ में बताया कि वैज्ञानिकों के एक दल ने सुपरबग के तीन रूपांतरों के जीन को अनुक्रमित किया है और अब वे उस जीन के आनुवांशिकीय पहलू का अध्ययन कर रहे हैं। खान ने बताया कि विश्वविद्यालय की जैव-प्रौद्योगिकी प्रयोगशालाऔरऔर भी

हम शरीर में न जाने कितने रोगाणु लिए फिरते हैं। न जाने कितने वाइरस व बैक्टीरिया के कैरियर बने रहते हैं। इनसे निपट लेती है शरीर की प्रतिरोधक क्षमता। लेकिन रुग्ण विचारों से निपटने का जिम्मा हमारा है।और भीऔर भी