हमारी संसदीय बहसों में प्रधानमंत्री की भागीदारी घटती जा रही है। यहां तक कि सीधे उनको संबोधित सवालों का जवाब भी प्रधानमंत्री कार्यालय (पीएमओ) का राज्य मंत्री देता है। लेकिन ब्रिटेन में ऐसा नहीं है। वहां हर बुधवार की सुबह प्रधानमंत्री पर संसद के निचले सदन, हाउस ऑफ कॉमन्स में सवालों की बौछार कर दी जाती है। सवाल इतने बेलाग व तीखे होते हैं कि प्रधानमंत्री को उनका साफ-साफ उत्तर देना पड़ता है। पूरे सत्र का सीधाऔरऔर भी

यूं तो मिस्र से भारत का कोई सीधा लेनादेना नहीं है, लेकिन मिस्र में उठे राजनीतिक तूफान ने पहले से हैरान-परेशान हमारे शेयर बाजार की हवा और बिगाड़ दी है। वैसे भी जब बुरा दौर चल रहा हो, तब मामूली-सी बुरी खबर भी बिगड़ी सूरत को बदतर बनाने के लिए काफी होती है। सेंसेक्स आखिरकार आज नीचे में 18,038.48 तक चला गया। हालांकि बाद में सुधरकर 18327.76 पर बंद हुआ। भारतीय बाजार को पसंद करनेवाले किसी भीऔरऔर भी

सवाल पहले आते हैं, जवाब बाद में। सवाल को जब अपना जवाब मिल जाता है तो अनुनाद होता है, राह खुलती है। लेकिन हम तो जवाबों का ही जखीरा लिये बैठे हैं जिससे हर सवाल को टोपी पहनाते रहते हैं।और भीऔर भी

जानने की पहली सीढ़ी है सवाल। जिसके पास भी सवाल होंगे, उसे उनका जवाब मिल जाएगा। सब कुछ है इस दुनिया में। हां, इतना जरूर है कि यहां कुछ भी पाने से पहले उसकी पात्रता हासिल करनी पड़ती है।और भीऔर भी

जैसे कोई खुद को खोजने की निशानियां जान-बूझकर छोड़े जा रहा हो, जैसे कोई मां अभी-अभी चलना सीखे बच्चे के साथ लुकाछिपी खेलती है, उसी तरह हर सवाल अपने समाधान के सूत्र हमारे आसपास ही रख छोड़ता है।और भीऔर भी

ये सीलन भरी बास, ये घुटे-घुटे विचार अच्छे नहीं लगते। सारे खिड़की दरवाजे खोल दो। हवाओं को आने दो, सवालों को आने दो। हवाएं सफाई का सरंजाम साथ लेकर चलती हैं और सवाल हर घुटन का जवाब।और भीऔर भी

दुनिया में कुछ भी अकारण नहीं। सब नियमबद्ध है। नियम-विरुद्ध होने पर ही दुर्घटनाएं होती हैं। इसलिए इन नियमों को समझना जरूरी है और नियमों को तर्क पर तर्क, सवाल पर सवाल के बिना नहीं समझा जा सकता।और भीऔर भी