दूसरों को अपने जैसा समझना पहले भी गलत था, आज भी गलत है। आप सच्चे हो, अच्छा है। लेकिन सामनेवाला इंसान नेवला है कि भेड़िया, गाय है कि गोजर – यह तो आपको देखना ही पड़ता है।और भीऔर भी