मुझे लग रहा था कि बाजार आज से ही यू-टर्न ले लेगा। एफआईआई के रुख से भी ऐसा लग रहा था। कल जो बिकवाली चली, वह तो रूटीन कामकाज का हिस्सा थी जब एफआईआई और ऑपरेटर ऐसा माहौल बनाने की कोशिश करते हैं जिससे ट्रेडर व निवेशक डर जाएं। और, ऐसा करने में वे सफल भी रहे। मुझे अच्छे-खासे लोगों ने फोन करके कहा कि बाजार बैठने वाला है। दूसरी अफवाह यह चली कि मौद्रिक नीति मेंऔरऔर भी

वाकई यह जानकार बड़ा अफसोस होता है कि हमारे ट्रेडर और यहां तक कि फंड मैनेजर भी बाजार में किस तरह सौदे और निवेश करते हैं। जब टाटा स्टील 150 रुपए पर था, तब मैंने इसमें खरीद की कॉल दी थी और अब यह 700 रुपए पर पहुंच गया है तब भी मेरी धारणा इसके बारे में तेजी की है। ऐसा क्यों? हमने मेटल सेक्टर पर अपनी रिसर्च में, जब स्टील का दाम 21,000 रुपए प्रति टनऔरऔर भी

इनफोसिस ने शानदार नतीजे घोषित किए और नए वित्त वर्ष के लिए संभावनाएं भी अच्छी पेश कीं। हालांकि पहली तिमाही को लेकर कंपनी ज्यादा आशावान नहीं है। इसी के चलते बाजार कमजोरी के साथ खुला। लेकिन जल्दी ही इनफोसिस इससे उबर आया और उसमें भारी मात्रा में कारोबार हुआ। इनफोसिस के नतीजों में ऐसा कुछ खास नहीं है कि उसके स्टॉक के बारे में फिर से रेटिंग की जाए। जैसा कि मैने कल अपने कॉलम में जानकारऔरऔर भी

भला आप सोच सकते हैं कि बाजार कैसे चलता है?  कल ग्रीस के संभावित डिफॉल्ट की खबर को हर तरफ अफरातफरी फैलाने में इस्तेमाल किया गया और पूरा बाजार मंदी की गिरफ्त में आ गया। अब, ऐसी चीजें तो होती रहती हैं और आगे भी होती रहेंगी। लेकिन अफरातफरी के माहौल में भी हमने अपना विश्वास बरकरार ही नहीं रखा, बल्कि बाजार में खरीद की कॉल दी। और, बाजार ने भी आज हमारी कॉल का मान रखा।औरऔर भी

बजट के बाद के इस सेटलमेंट पर काफी दबाव है क्योंकि एक बार ब्याज दरें बढ़ाई जा चुकी हैं और माना जा रहा है कि रिजर्व बैंक एक बार फिर ब्याज दरें (रेपो व रिवर्स रेपो दरें) बढ़ा सकता है। वैसे, सारा लब्बोलुआव यह है कि फंडिंग पूरी तरह रुकी पड़ी है और जो निवेशक कर्ज के भरोसे सौदे कर रहे हैं, उनसे कहा गया है कि वे ए और बी ग्रुप के शेयरों में अपनी पोजिशनऔरऔर भी

औद्योगिक उत्पादन सूचकांक (आईआईपी) के आंकड़े उम्मीद से बेहतर रहे थे। फिर भी बाजार बढ़त के स्तर को बनाए नहीं रख सका। यह अजीब, मगर सच है। बाजार के साथ अक्सर ऐसा ही होता है कि अच्छी खबर का उतना असर उस पर नजर नहीं आता। खैर, बाजार के ऊपर बढ़ने का रुझान अभी थमा नहीं है। बल्कि, आईआईपी के अच्छे आंकड़े, एनएमडीसी के इश्यू का शांति से सब्सक्राइब हो जाना… सब यही दिखाता है कि बाजारऔरऔर भी