कहते हैं कि दोस्त आईने जैसा होना चाहिए जो आपके हंसने पर हंसे और आपके रोने पर रोए। लेकिन ऐसे दोस्त से क्या फायदा जो आपका भ्रम नहीं मिटा सकता? आपको एक से अनेक नहीं बना सकता?और भीऔर भी

हम सभी ब्रह्म हैं। एक से अनेक होने, एक को अनेक करने की कोशिश करते हैं। नहीं कर पाते तो सिर धुनते हैं। नहीं भान कि दूसरों को मान दिए बिना, दूसरों का साथ लिए बिना अनेक नहीं हो सकते।और भीऔर भी