किसकी चिंता, किसके सिर!
जिस तरह कोयल के अंडे को कौआ अपना समझकर सेता रहता है। उसी तरह हम दूसरों की चिंताओं को अपने सिर ओढ़ लेते हैं। सरकार से लेकर प्रभुवर्ग अपनी चिंताओं को सबकी चिंताएं बनाकर पेश कर देते हैं और हम भी मर्सिया गाने लगते हैं।और भीऔर भी
जिस तरह कोयल के अंडे को कौआ अपना समझकर सेता रहता है। उसी तरह हम दूसरों की चिंताओं को अपने सिर ओढ़ लेते हैं। सरकार से लेकर प्रभुवर्ग अपनी चिंताओं को सबकी चिंताएं बनाकर पेश कर देते हैं और हम भी मर्सिया गाने लगते हैं।और भीऔर भी
वित्त मंत्री प्रणब मुखर्जी का कहना है कि प्याज की कीमतें अब नीचे आने लगी हैं और सरकार की ओर से किए जा रहे उपायों से जल्दी ही स्थिति नियंत्रण में होगी। उल्लेखनीय है कि प्याज के भाव करीब एक हफ्ते से आसमान छू रहे हैं। प्याज का मसला राजनीतिक रूप से इतना संवेदनशील है कि वित्त मंत्री बराबर इस पर सफाई देते फिर रहे हैं। राजधानी दिल्ली में तो श्री मुखर्जी ने बराबर मीडिया को इसऔरऔर भी
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