सितंबर का महीना चालू है। इसी के साथ चालू वित्त वर्ष 2021-22 की दूसरी तिमाही और पहली छमाही समाप्त होगी। शेयर बाज़ार में निवेश व ट्रेडिंग की दुनिया में इसका अपना अलग महत्व है, म्यूचुअल फंडों के लिए खासतौर पर। आप जानते ही होंगे कि दुनिया भर में ही नहीं, भारत में भी आम निवेशकों का अधिकांश धन म्यूचुअल फंडों के ज़रिए ही शेयर बाज़ार में लगता है। रिटेल निवेशकों की धमक इन्हीं फंडों के माध्यम से बाज़ार में दिखती है। सितंबर के अंत में म्यूचुअल फंडों को दिखाना पड़ता है कि इस तिमाही/छमाही में उनका एनएवी पहले से कितना बढ़ा है तो उनकी सक्रियता बढ़ जाती है। अब सोम का व्योम…
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