देश किसी भी व्यक्ति से बहुत-बहुत ऊपर होता है, चाहे वो देश का प्रधानमंत्री ही क्यों न हो। हमारे वर्तमान प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी भी इसके अपवाद नहीं हो सकते। लेकिन भाजपा सरकार और संघ परिवार के संगठन मोदी की घरेलू व विदेश नीति की निष्पक्ष समीक्षा करने के बजाय नितांत फर्जी तरीकों से उन्हें भारत देश से भी बड़ा बनाने के अभियान में लगे हैं। इसके लिए इतिहास तक को गलत तरीके से पेश किया जा रहा है। साथ ही फर्जी सर्वेक्षण और पत्रिकाओं के झूठे कवर बनाकर मोदी को विश्व का सबसे शक्तिशाली नेता बताया जा रहा है। लेकिन फटे हुए दूध को मथने से मक्खन नहीं निकाल जा सकता। फिर भी गृहमंत्री अमित शाह दो दिन पहले तक झूठ बोले जा रहे थे कि बीते 11 साल में नरेन्द्र मोदी जी ने भारत को आगे ले जाने का काम किया है और भारत चार ट्रिलियन डालर की अर्थव्यवस्था बनकर दुनिया में चौथे नंबर पर आ चुका है। कहा गया कि मोदी ने यूक्रेन से लेकर गाज़ा तक में युद्ध रुकवा दिया। लेकिन हकीकत यह है कि अमेरिका फिलिस्तीन से लेकर सीरिया, यमन, नाइजीरिया और अब वेनेजुएला व ईरान तक में कोहराम मचाए हुए हैं। लेकिन मोदी सरकार में इतनी भी हिम्मत नहीं कि वो अमेरिका का नाम तक ले सके। अब मंगलवार की दृष्टि…
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