स्टॉप-लॉस के अलावा शेयर बाजार की ट्रेडिंग के रिस्क को संभालने के और भी तरीके हैं। मसलन, पूरी ट्रेडिंग पूंजी को बीस या उससे ज्यादा हिस्से में बांट लें और एक ट्रेड में केवल एक हिस्सा लगाएं। इसे पोजिशन साइजिंग कहते हैं। अन्य नियम है कि एक सौदे में 2% और महीने में 6% स्टॉप-लॉस लग जाए तो मन बेचैन हो जाता है। ऐसे में फौरन उस महीने भर ट्रेडिंग रोक देनी चाहिए। अब शुक्रवार का अभ्यास…
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'ट्रेडिंग-बुद्ध' अर्थकाम की प्रीमियम-सेवा का हिस्सा है। इसमें शेयर बाज़ार/निफ्टी की दशा-दिशा के साथ हर कारोबारी दिन ट्रेडिंग के लिए तीन शेयर अभ्यास और एक शेयर पूरी गणना के साथ पेश किया जाता है। यह टिप्स नहीं, बल्कि स्टॉक के चयन में मदद करने की सेवा है। इसमें इंट्रा-डे नहीं, बल्कि स्विंग ट्रेड (3-5 दिन), मोमेंटम ट्रेड (10-15 दिन) या पोजिशन ट्रेड (2-3 माह) के जरिए 5-10 फीसदी कमाने की सलाह होती है। साथ में रविवार को बाज़ार के बंद रहने पर 'तथास्तु' के अंतर्गत हम अलग से किसी एक कंपनी में लंबे समय (एक साल से 5 साल) के निवेश की विस्तृत सलाह देते हैं।
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