ओवरबॉट से ओवरसोल्ड हुआ बाज़ार

जब सारा बाजार शुक्रवार को लांग सौदे करने में लगा था, तब हमने कहा कि बजट बुरा है और निफ्टी को बेचो। निफ्टी धराशाई हो गया। आज प्री-ओपन सत्र में निफ्टी 5340.70 तक पहुंच गया और शुक्रवार से 0.37 फीसदी ऊपर था। लेकिन बाद में बाजार को बजट के बुरा होने का अहसास हुआ और निफ्टी लगातार गिरने लगा। अंत में 1.14 फीसदी की गिरावट के साथ 5257.05 पर बंद हुआ। इसी तरह निफ्टी फ्यूचर्स का आखिरी भाव 5274.05 रहा।

लेकिन आज बजट से अलग हटकर हमने तीन वजहों से लांग रहने की सलाह दी। पहली वजह, निफ्टी के 5600 से 5300 तक पहुंचने के दौरान जो लांग सौदे किए गए थे, उन्हें पिछले दो सत्रों में काट दिया गया है। आज के दिन तो सारे के सारे सौदे शॉर्ट में बदल डाले गए क्योंकि बाजार में 4900 तक गिरने की धारणा छा गई है। बाजार अब ओवरबॉट से ओवरसोल्ड अवस्था में जा पहुंचा है।

दूसरी वजह यह कि समाजवादी पार्टी यूपीए सरकार को बिना शर्त समर्थन दे रही है। सरकार या तो आज रात या बहुत जल्दी ही डीजल के दाम दो रुपए प्रति लीटर बढ़ा देगी। तीसरी वजह है रोलओवर के सिलसिले की शुरुआत। 29 मार्च को डेरिवेटिव सौदों के सेटलमेंट का आखिरी दिन है। इस तरह सेटलमेंट की समाप्ति में अब आठ सत्र ही बचे हैं। मेरा मानना है कि निफ्टी इस सेटलमेंट में 5500 के आसपास बंद होगा।

हर मंगलवार को बाजार दिन के दूसरे हिस्से में सुधर जाता है। मैंने आपको बताया था कि बजट को बस बहाने के बतौर इस्तेमाल किया जाता है। असली रुझान का फैसला तो बाजार में ली गई पोजिशन करती है क्योंकि अपने प्रमुख स्टॉक एक्सचेंज, एनएसई में स्टॉक्स के डेरिवेटिंव सौदों में फिजिकल सेटलमेंट है नहीं।

मेरी सलाह है कि निफ्टी को 5170 के नीचे दबाकर बेचना शुरू कर दें क्योंकि यह 200 दिनों का मूविंग औसत (डीएमए) है। वहां पहुंचते ही जमकर खरीद होने लगेगी और बाजार बहुत ही तेजी से बढ़ेगा। बाकी आपकी मर्जी।

जिंदगी का सबसे बड़ा सबक है यह जानना कि निपट मूर्ख भी कभी-कभी एकदम सही होते हैं।

(चमत्कार चक्री एक अनाम शख्सियत है। वह बाजार की रग-रग से वाकिफ है। लेकिन फालतू के कानूनी लफड़ों में नहीं पड़ना चाहता। इसलिए अनाम है। वह अंदर की बातें आपके सामने रखता है। लेकिन उसमें बड़बोलापन हो सकता है। आपके निवेश फैसलों के लिए अर्थकाम किसी भी हाल में जिम्मेदार नहीं होगा। यह मूलतः सीएनआई रिसर्च का कॉलम है, जिसे हम यहां आपकी शिक्षा के लिए पेश कर रहे हैं)

1 Comment

  1. Kismat se ka na jada kisiko nahi mila ek aadmi ne bungla banwaya jisdin Pravesh din tha usdin uski mritu ho gayee

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