अमेरिका में मुद्रास्फीति की दर इस साल अगस्त में 2.9% और सितंबर में 3% रही है। अक्टूबर में सरकार के शटडाउन के चलते डेटा नहीं जारी हुआ, जबकि नवंबर का डेटा 18 दिसंबर को आएगा। चीन में मुद्रास्फीति की दर अक्टूबर में 0.2% और नवंबर में 0.7 रही है। जापान में मुद्रास्फीति सितंबर में 2.9% और अक्टूबर में 3% रही है। जर्मनी में मुद्रास्फीति की दर सितंबर में 2.4%, अक्टूबर में 2.3% और नवंबर में भी 2.3% रही है। कमाल है कि भारत में मुद्रास्फीति की दर सितंबर में 1.4%, अक्टूबर में 0.25% और नवंबर में 0.71% रही है। अमेरिका, जर्मनी व जापान जैसे विकसित देशों से कम और दुनिया की दूसरी सबसे बड़ी अर्थव्यवस्था बन चुके चीन के बराबर। यह उपभोक्ता मूल्य सूचकांक पर आधारिक रिटेल मुद्रास्फीति की दरें हैं। थोक मूल्य सूचकांक पर आधारित मुद्रास्फीति की दरें तो अगस्त को छोड़ दें तो जुलाई से लेकर अक्टूबर तक बराबर ऋणात्मक रही हैं यानी, थोक मूल्य बढ़ने के बजाय घट गए। अक्टूबर में थोक मुद्रास्फीति -1.21% रही है। आप भारत के आम नागरिक हैं तो आपको यकीन नहीं आ रहा होगा। लेकिन यकीन करना पड़ेगा क्योंकि भारत में देश व सरकार का हाल ‘अंधेर नगरी चौपट राजा, टका सेर भाजी, टका सेर खाजा’ का हो चुका है। अब सोमवार का व्योम…
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