रिटेल में विदेशी मिटाएंगे महंगाई: कौशिक बसु

आर्थिक सलाहकार कितने बिके हुए हो सकते हैं इसका नमूना पेश कर दिया है वित्त मंत्रालय के मुख्य आर्थिक सलाहकार कौशिक बसु ने। कौशिक बसु अंतर-मंत्रालयी समूह (आईएमजी) के चेयरमैन भी हैं। इस समूह का कहना है कि महंगाई पर नियंत्रण पाने के लिए मल्टी-ब्रांड रिटेल में विदेशी निवेश को मंजूरी दे देनी चाहिए। समूह ने कृषि विपणन कानून में बदलाव का भी सुझाव दिया है।

यह सीधे-सीधे वॉलमार्ट जैसे विदेशी रिटेल स्टोरों की लॉबीइंग के सिवा कुछ नहीं है क्योंकि मुद्रास्फीति का दायरा अब कृषि उत्पादों से बाहर निकल चुका है। दूसरे, कृषि उत्पादन के चक्रीय स्वभाव को दूर करने से आपूर्ति की बाढ़ व सूखे को रोका जा सकता है जिससे खाद्य वस्तुओं की महंगाई पर लगाम लग सकती है। मल्टी ब्रांड रिटेल में विदेशी पूंजी आने के इस पर कोई फर्क नहीं पड़ेगा।

कृषि उत्पादों के रखरखाव व आवाजाही की व्यवस्था खुद भारतीय कंपनियां बड़ी आसानी से कर सकती हैं। वैसे भी थोक कारोबार में सरकार 100 फीसदी विदेशी पूंजी निवेश की इजाजत दे चुकी है। इस तरह बसु विदेशी पूंजी की परोक्ष लॉबीइंग के अलावा और कुछ नहीं कर रहे।

कौशिक बसु ने राजधानी दिल्ली में संवाददाताओं से बातचीत के दौरान कहा, ‘‘हम मल्टी-ब्रांड रिटेल क्षेत्र में प्रत्यक्ष विदेशी निवेश (एफडीआई) के मामले में स्पष्ट रूख अपना रहे हैं। यह सिफारिश है न कि नीति।’’ उन्होंने कहा कि अंतर मंत्रालयी समूह एक आदर्श कृषि उत्पाद विपणन समिति (एपीएमसी) कानून तैयार किए जाने के पक्ष में है। इसे राज्य भी स्थानीय स्तर पर आपूर्ति संबंधी बाधाओं को दूर करने के लिए अपना सकते हैं।

बसु ने कहा, ‘‘खेत-खलिहान और उपभोक्ता मूल्य में अंतर को कम करने के लिए एपीएमसी कानून को संशोधित करने की जरूरत है। हमें ऐसे एक ऐसे नए कानून की जरूरत है जिसे राज्य अपना सकें।’’  बता दें कि ऊंची मुद्रास्फीति से चिंतित सरकार ने इस साल जनवरी महीने में बढ़ती कीमत पर अंकुश लगाने के बारे में सुझाव देने के लिए अंतर-मंत्रालयी समूह का गठन किया था। ताजा आंकड़ों के अनुसार अप्रैल महीने में सकल मुद्रास्फीति की 8.66 फीसदी रही है जो 5-6 फीसदी के स्वीकार्य स्तर से कहीं अधिक है। खाद्य मुद्रास्फीति की दर 14 मई को समाप्त सप्ताह में 8.55 फीसदी रही है।

सरकार के साथ-साथ रिजर्व बैंक ने भी महंगाई को काबू में करने के लिए कई कदम उठाये हैं लेकिन इसके बावजदू यह उच्च स्तर पर बनी हुई है। बसु ने कहा कि सरकार और रिजर्व बैंक दोनों बढ़ती कीमत पर अंकुश लगाने के लिए साथ मिलकर काम कर रहे हैं।

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