अपने यहां टैक्सों की विचित्र स्थिति है। सालाना करोड़ों में कमा रहा कॉरपोरेट क्षेत्र कुछ लाख कमानेवाले लोगों से कम टैक्स देता है और किसी तरह गुजारा कर रहे देश के आमजन जीएसटी, एक्साइज़ व कस्टम शुल्क के रूप में सबसे ज्यादा टैक्स देते हैं। बजट के मुताबिक सरकार को चालू वित्त वर्ष 2024-25 में कॉरपोरेट टैक्स से ₹10.20 लाख करोड़ मिलने हैं, जबकि इनकम टैक्स से मिलनेवाली रकम इससे अधिक ₹11.87 लाख करोड़ रहेगी। वहीं, आमजनऔरऔर भी