सरकार की कोशिश है कि खर्च करनेवाले व्यक्तियों से जीएसटी और एक्साइज़ व कस्टम ड्यूटी के साथ ही अधिकतम इनकम टैक्स वसूल लिया जाए, जबकि लाभ कमानेवाली कंपनियों को टैक्स में ज्यादा से ज्यादा छूट दी जाए। इसके ऊपर कॉरपोरेट क्षेत्र को मिल रही ऋण-माफी और पीएलआई जैसी स्कीमों में दी जा रही सब्सिडी अलग से। लाखों करोड़ रुपए के ऐसे ‘प्रोत्साहन’ से आखिर क्या सचमुच देश का कोई भला हो रहा है, क्षमता विस्तार और नएऔरऔर भी