जिसने भी सच बोला, छोड़कर जाना पड़ा
2023-12-15
दिक्कत यह है कि नौ सालों से देश पर राज कर रही हमारी सरकार न खुद सच बोलती-सुनती है और न ही सच बोलनेवालों को बरदाश्त कर पाती है। तमाम पत्रकार, बुद्धिजीवी व सांसद तक सच बोलने पर सरकार के कोप का शिकार हो चुके हैं। यहां तक कि रिजर्व बैंक के गवर्नर और केंद्र सरकार के मुख्य आर्थिक सलाहकार भी इससे नहीं बचे। 14 सितंबर 2018 को दिल्ली में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी व वित्त मत्रालय केऔरऔर भी

