शेयर बाजार के बढ़ने का देश में गरीबी या बेरोज़गारी से कोई ताल्लुक नहीं है। उसका खास रिश्ता देश के जीडीपी और उसमें भी मैन्यूफैक्चरिंग क्षेत्र के विकास से होता है। बैंकों की बैलेंस शीट पुराने ऋणों को राइट-ऑफ और एनपीए को एनकेन प्रकारेण घटाकर चमका दी गई है। यह भी सच है कि इधर कई सालों से सरकार का ज़ोर इंफ्रास्ट्रक्चर के निर्माण, रेलवे और डिफेंस क्षेत्र को मजबूत करने पर है। इंजीनियरिंग व कंस्ट्रक्शन केऔरऔर भी