बड़ी-बड़ी बातें करने या लम्बी फेंकनेवाला यकीनन शेयर बाजार के निवेश में सफल नहीं होता। यहां वही सफल होता है जो जानता है कि वह शेयरों के भाव को प्रभावित करनेवाले सभी कारकों को नहीं जान सकता। दूसरे, वह यह भी जानता है कि जिस कंपनी में वो निवेश करने जा रहा है, उसका धंधा क्या है, उसमें कितना दम व संभावना है और कंपनी प्रबंधन ने अब तक इस धंधे में कितनी धाक जमायी है। बिजनेसऔरऔर भी