अर्थव्यवस्था की असली तस्वीर देश में गरीबी और बेरोज़गारी की सही स्थिति से बनती है। वर्तमान सरकार ने गरीबी का कोई आधिकारिक आंकड़ा 2014 में सत्ता में आने के बाद से जारी ही नहीं किया। वहीं, बेरोजगारी को मापने का यहां न तो अंतरराष्ट्रीय पैमाना है और न ही देश की हकीकत के अनुरूप। 140 करोड़ आबादी में से जिन 80-81 करोड़ गरीबों का सरकार हर महीने 5 किलो मुफ्त अनाज देती है, वे बेरोज़गार रहना गवाराऔरऔर भी