रुपया गिराने में थोड़ा दोष विदेशियों का!
देश का विदेशी मुद्रा भंडार 3 सितंबर 2021 को 642.45 अरब डॉलर की रिकॉर्ड ऊंचाई पर था। उसके बाद के दस महीनों में 22 जुलाई 2022 तक यह 11.03% या 70.89 अरब डॉलर घटकर 571.56 अरब डॉलर पर आ चुका है। इस साल जनवरी से अब तक विदेशी पोर्टफोलियो निवेशक हमारे बाज़ार से 2.24 लाख करोड़ रुपए निकाल चुके हैं। इसमें अगर अक्टूबर से दिसंबर 2021 तक निकाले गए 50,089 करोड रुपए जोड़ दें तो कुल निकासीऔरऔर भी
धन्य है सरकार, बलिहारी गवर्नर दास!
धन्य है हमारी केंद्र सरकार जिसने इतिहास में एमए करनेवाले शक्तिकांत दास को भारत जैसे विशाल देश के केंद्रीय बैंक का सर्वेसर्वा बनाया और बलिहारी हो भारतीय रिजर्व बैंक के इस गवर्नर की जो कहते हैं कि देश के विदेशी मुद्रा भंडार का इस्तेमाल रुपए को डॉलर के मुकाबले गिरने जाने से बचाने में ही किया जाएगा। उनका तर्क है कि आप छाता बारिश में इस्तेमाल करने के लिए ही तो खरीदते हो। दास रुपए को बचानेऔरऔर भी



