पांच-दस साल से जब से बाज़ार ग्लोबल हुआ है, तब से दुनिया भर की इफरात पूंजी भारतीय शेयर बाजार में आने लगी। अपने यहां भी अरबपति बढ़ते जा रहे हैं। भ्रष्ट नेताओं व नौकरशाहों का कालाधन घूम-फिरकर बाज़ार में आ रहा है। इस तरह सीमित मात्रा में उपलब्ध अच्छे स्टॉक्स का पीछा बहुत सारा धन करने लगा तो उनके भाव जमकर चढ़ गए। वहीं, बहुत सारी छोटी व अच्छी कंपनियां उपेक्षित रह गईं। अब बुधवार की बुद्धि…औरऔर भी