नाम ईमानदारी का, हद बेईमानी की
2019-02-07
पीयूष गोयल कहते हैं कि बजट में संख्याओं से कोई छेड़छाड़ नहीं की गई है क्योंकि प्रधानमंत्री ईमानदार बजट चाहते थे। लेकिन जानकार बताते हैं कि इसमें इतनी बेईमानी बरती गई है कि यह बजट नहीं, फजट बन गया है। आईडीबीआई के लिए एलआईसी से वसूले गए 65,000 करोड़ को छोड़ दें, केवल एफसीआई की 1.40 लाख करोड़ रुपए की सब्सिडी को जोड़ दे तो राजकोषीय घाटा जीडीपी का 4% हो जाता है। अब गुरु की दशा-दिशा…औरऔर भी

