पोथियों में नहीं छिपा कमाने का राज़
2018-11-21
गंवानेवालों में जिजीविसा की कमी नहीं। वे जीतने की हर विद्या सीखते हैं। टेक्निकल एनालिसिस और फिबोनाकी संख्याओं के जटिल समीकरण समझने के लिए इंटरनेट से लेकर किताबों तक की थाह लगा डालते हैं। हर तरफ गुरु तलाशते रहते हैं। लेकिन बाज़ी हाथ से फिसलती रहती है। उनके लिए कबीर का यह दोहा पूरा प्रासंगिक है कि पोथी पढ़ि-पढ़ि जग मुआ, पंडित भया न कोय। ढाई आखर प्रेम का, पढ़य सो पंडित होय। अब बुध की बुद्धि…औरऔर भी

