तमाम बैंक वेल्थ मैनेजमेंट की बात करते हैं। वे बड़े ग्राहकों के लिए वेल्थ या रिलेशनशिप मैनेजर तक तय कर देते हैं। लेकिन हकीकत में ऐसे वेल्थ मैनेजर ग्राहकों की दौलत बढ़ाने के बजाय बैंकों का ही धंधा बढ़ाने का काम करते हैं। ऐसा वे ग्राहकों के हितों की कीमत पर करते हैं। बैंक के कर्मचारी होने के नाते वे उसे सबसे ऊपर, लेकिन ग्राहकों को कहीं का नहीं रखते। अब तथास्तु में आज की संभावनामय कंपनी…औरऔर भी