बिजनेस चैनलों पर आने वाले एनालिस्टों का तो धंधा ही है हांकना और ऐसे दावे करना कि बाज़ार ठीकठाक कहां और किधर जाएगा। उन्हें इसी बात के नोट मिलते हैं। लेकिन हमारे आसपास ऐसे निवेशकों, ट्रेडरों व गुरुओं की कोई कमी नहीं जो सोशल मीडिया के साथ-साथ कहीं भी मिलने-मिलाने पर दावा करते हैं कि उन्हें बाज़ार की सटीक चाल पता है। उनका यह आत्मविश्वास अपने साथ औरों को भी डुबा डालता है। अब गुरु की दशा-दिशा…औरऔर भी