भावों की डोर पकड़ करते हैं अभ्यास
2018-09-28
ज्ञान को सफलता तक कौशल पहुंचाता है और कौशल के लिए अभ्यास ज़रूरी है। अभ्यास भी जहां-तहां हाथ मारने का नहीं, बल्कि अनुशासन व नियम में बंधकर चलने का। जिस तरह जीवन सांसों की डोर से बंधा है, उसी तरह वित्तीय बाज़ार की ट्रेडिंग भावों की लय-ताल से बंधी है। भावों की यह डोर पकड़कर हम अभ्यास करते हैं। धीरे-धीरे भावों का पैटर्न और रुख बदलने का ढर्रा समझ में आने लगता है। अब शुक्रवार का अभ्यास…औरऔर भी

