शेयरों के भावों के चार्ट पर डिमांड-सप्लाई के स्तरों के बीच के फासले को ‘प्रॉफिट ज़ोन’ कहते हैं। यह ज़ोन दिखाता है कि उस शेयर को डिमांड के स्तर पर खरीद और सप्लाई के स्तर पर बेचकर कितना फायदा कमाया जा सकता है। डिमांड-सप्लाई के स्तर टेक्निकल एनालिसिस के सपोर्ट और रेजिस्टेंस लेवल से भिन्न होते हैं। हालांकि डिमांड और सप्लाई के स्तर चिन्हित करने में आखिरी कैंडल का आकार निर्णायक होता है। अब बुध की बुद्धि…औरऔर भी