सर्वमान्य सच है कि हम शेयर बाज़ार में जो भी सौदे करते हैं, उसके लिए आखिरकार खुद ही ज़िम्मेदार होते हैं। लेकिन यहां तो हर कोई सफलता का श्रेय खुद लेता है, जबकि नाकामी के लिए अपने अलावा हर किसी को दोषी ठहरा देता है। इंटरनेट सुस्त था, ट्रेडिंग प्लेटफॉर्म सही नहीं था, बीवी-बच्चों या कुत्ते ने परेशान कर रखा था, सलाह देनेवाला गलत निकला। दरअसल, लोगबाग गलत साबित होने से डरते हैं। अब मंगलवार की दृष्टि…औरऔर भी